नमस्कार दोस्तों ! प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग किसानों को देसी गाय खरीदने में

अनुदान देगा। विभाग ने जिला कांगड़ा के लिए इसके तहत 35 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। जिला

के विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों को 110 देसी गायें खरीदने के लिए इस योजना

के तहत सहायता मिलेगी। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के परियोजना निदेशक डॉ.

डीके अवस्थी ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सरकार मदद करने की पुष्टि की है। उन्होंने

बताया कि देसी गाय खरीदने के लिए 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।

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जिला के 15 ब्लॉक को 35 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।

प्रदेश में दो साल पहले प्राकृतिक खेती को आरंभ करते हुए किसानों को इससे जोडऩे का कार्य शुरू

किया था। पहले साल जिले में 568 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। 2019 में पांच

हजार किसानों को इस खेती का प्रशिक्षण देने के लिए लक्ष्य रखा है। अब विभाग ने करीब 1400 किसानों

को प्रशिक्षण दे दिया है। देसी गाय खरीदने के लिए सरकार की मदद उन किसानों को मिलनी है जो कम

से कम छह माह से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने इसका विभाग से प्रशिक्षण लिया हुआ है। लिहाजा

गुणवत्ता के आधार पर जिला के प्रत्येक ब्लॉक में औसतन आठ से 10 किसानों को देसी गाय खरीदने में वित्तीय

मदद की जाएगी।

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प्राकृतिक खेती और देसी गाय

प्राकृतिक खेती में देसी गाय के गोबर, मूत्र, गोबर आदि सभी वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है। देश में प्राकृतिक

खेती को पद्मश्री सुभाष पालेकर ने आरंभ किया था। अब देश के विभिन्न राज्यों में जाकर यह किसानों को प्राकृतिक

खेती से जोड़ रहे हैं। हिमाचल में पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक खेती को शुरू करवाते हुए किसानों

को इससे जोडऩे का कार्य किया। देसी गायों में प्रमुखता रेड सिंधी, साहीवाल, थारपारकर, गिर, कॉकरेज,

मालवी, नागौरी, पवार, हरियाणा, दज्जाल, निमाड़ी, राठ, भगनाड़ी आदि है।

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