पेंशन से जुड़ा ये नियम 50 सालों बाद बदल गया जाने क्या है

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सरकार ने पेंशन से जुड़े हुए नियमों में बदलाव कर दिया है! जिसमें पेंशन धारक को किसी दुसरे व्यक्ति के नाम पर Pension पाने के लिए मार दिया जाता है! पुराने नियम के तहत क़ानूनी कारवाई पूरा होने तक पेंशन नही मिलता है! पेंशनधारक के नाम पर साजिस करने वाले भ्रष्टाचारी अब ऐसा कुछ करने में असफल रहेंगे! अब कार्मिक मंत्रालय के इस नियम में बदलाव कर दिया गये हैं! और  नया नियम भी जारी कर दिया गया है!

Central Goverment Update Report 2021 

जी हाँ केंद्र सरकार ने अब उस नियम में बदलाव कर दिया है! जिसमें परिवार के सदस्य द्वारा ही पेंशनर की जान ले ली जाती थी! और काफी लोग पेंशन पाने के लिए साजिस किया करते थे! यह नियम 1972 से लागू हुवा था! केंद्र सरकार को इस नियम को बदलने में लगभग 50 साल लग गये! अब इस नियम में बदलाव कर दिया गया है! पुराने नियम के तहत सदस्यों के काफी कठोर प्रावधान किये गए थे! पुराने नियम में ऐसी दुर्घटना होने के बाद से परिवार की पेंशन को सस्पेंड कर दिया जाता था! जिसके चलते किसी को भी पेंशन का लाभ नही मिल पाता था! 

क़ानूनी कार्रवाई पर क्या रिजल्ट रहता था 

जब भी कोई व्यक्ति क़ानूनी कार्रवाई करता था तो कार्रवाई होने के बाद आरोपी को छोड़ दिया जाता था! इसके बाद उन्हें पेंशन तभी शुरू की जाति थी जब उन्हें पुराना एरियर दे दिया जाता था! बहुत सारे मामले ऐसे होते थे जिनमे आरोपी को दोषी करार दिया जाता था! तो परिवार किसी दुसरे योग्य व्यक्ति के नाम पर पेंशन शुरू की जाती थी! इस प्रक्रिया में उन्हें पुराना एरियर भी प्रदान किया जाता था! लेकिन हमारे भारत देश में कोर्ट के मामले काफी टाइम तक लटके रहते थे! इस दौरान परिवार के वित्तीय स्तर पर बहुत सारी चुनौतियां सामने आती थी! जिनका सामना सभी व्यक्ति को करना ही पड़ता था!

क्या परिवार के योग्य सदस्य को मिलेगी पेंशन

16 जून को सरकार ने पुराने नियम में बदलाव क्र न्य नियम जारी कर दिया है! नये नियम इस तरह के मामले में परिवार परिवार के सदस्यों को मिलने वाला पेंसन सस्पेंड नही होगा! आरोपी के बाद परिवार के दुसरे योग्य सदस्य के नाम पर पेंशन मिलना शुरू हो जाएगा! इस नियम में मृत पेंशनर के बच्चे या उनके माता पिता भी हो सकते हैं! आने वाले नए आदेश में कहा गया है कि ” क़ानूनी मामलों के विभाग से विचार विमर्श के बाद ही इस प्रावधान को लागू किया जाएगा!

कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश 

कार्मिक मंत्रालय की तरफ से इस आदेश को जारी किया गया है! इसमें कहा गया है की ” क़ानूनी कार्रवाई के दौरान परिवार के उन सदस्यों को Pension  देने से इनकार करना जायज नही है! जिस पर कोई आरोप न लगा हो! क़ानूनी प्रक्रिया में अंतिम निर्णय में लम्बा समय लग सकता है!और मृत पेंशनर के परिवार के लिए फैमिली पेंशन के बिना वित्तीय चुनौती से गुजरना पड़ता है!

क़ानूनी कार्रवाई में क्या आरोपी को मिलेगी पेंशन 

नए नियम में कहा गया है अगर Pension पाने के लिए उस योग्य व्यक्ति पर पेंशन पाने के लिए योग्य व्यक्ति पर पेंशन धारक को जान से मारने की साजिस रचने का आरोप लगा हो तो ऐसे मामलों में उस व्यक्ति की नाम पर फैमिली Pension निरस्त ही रहेगा! लेकिन क़ानूनी कारवाई के अंतर्गत परिवार के किसी दुसरे योग्य व्यक्ति को Pension की किश्त प्रदान कर दिया जाएगा! 

अगर पेंशन के लिए वो दूसरा व्यक्ति नाबालिग है तब क्या होगा 

अगर मृत Pension धारक के पति/पत्नी पर आरोप लगा है! तो परिवार के अगले व्यक्ति पेंशन की किश्त प्रदान की जाएगी अगर वह व्यक्ति नाबालिग है तो गार्जन के माध्यम से नाबालिग के नाम पर पेंशन को जारी कर दिया जाएगा! इसका प्रावधान नए नियम रखा गया है! नए नियम के तहत आरोपी माता/पिता  नाबालिग के तौर पर नियुक्त किये जा सकते हैं! नए नियम के तहत अगर आरोपी व्यक्ति को क़ानूनी फैसलें में बरी कर दिया जाता है! उस तारीख से परिवार के दुसरे सदस्य के नाम पर चल रहे पेशन का भुगतान किया जाएगा, उस तारीख से परिवार के अन्य व्यक्ति के नाम पर चल रहे Pension को बंद कर दिया जाएगा!

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