आने वाले महीने में ऊँची दर पर TDS की होगी वसूली,

0
234

इस साल के बजट के अनुसार यह प्रावधान किया गया है! कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में Incometax रिटर्न को ना भरने वालों में उन लोगो के matter में श्रोत पर कटौती (TDS) और श्रोत कर संग्रह(TCS) ज्यादा रेट पर होगा! जिस पर दो वर्ष में प्रत्येक पर 50000 रु० तक हो सकता है!

New Delhi Update

Income tax विभाग ने सुचना दी है ! कि आने वाले महीने से TDS वसूलने के लिए वयवस्था शुरू की है! यह व्यवस्था श्रोत पर कटौती (TDS) और श्रोत कर संग्रह (TCS) के लिए विकसित किया गया है! इसके माध्यम से फर्स्ट जुलाई से ऊँचे रेट पर Income tax वसूलने के लिए सभी व्यक्तियों की पहचान करने में सहायता मिलेगी! यह प्रावधान income tax विभाग ने 2020-21 के लिए सुनिश्चित कर दिया है!

At what rate will TDS and TCS be recovered /कितनी दर पर होगी TDS और TCS की वसूली

इस साल बजट में यह प्रावधान उल्लिखित किया गया है! की पिछले दो सालों में जिन व्यक्तियों ने Income Tax रिटर्न नही फ़ाइल किया है! उन व्यक्तियों से श्रोत की कटौती आय कर संग्रह ऊँची दरों पर वसूले जाएंगे!

उन व्यक्तियों पर दो वर्षों में प्रत्येक पर लगभग 50,000 रूपए से अधिक हो सकता है! CBDT केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस विषय में सरकार ने एक sircular जारी किया है! इसमें Income Tax ना भरने वाले बहुत सारे ऐसे लोग शामिल हैं जिनके मामले ऐसे हैं की उनसे ऊँची दर पर कर की वसूली की जाएगी! 

HOW TO CHECK PANCARD TDS देखें वीडियो-

Income Tax Vibhag ne kiya Twitt

Income Tax विभाग ने ट्विट करके बताया की आर्टिकल 206AB और 206CCA के लिए अनुपालन की जांच हेतु नयी व्यवस्था जारी की गयी!इस वयवस्था के माध्यम से श्रोत पर कटने वाले तथा TCS संग्रहकर्ता के लिए अनुपालन का बोझ थोडा कम हो जाएगा! CBDT का कहना है की TDS काटने वाले TCS संग्रहकर्ता को उन व्यक्ति की पहचान करने में आसानी होगी जिन्होंने अभी रिटर्न फ़ाइल नही की है! अन्यथा उन पर अधिक बोझ पड़ सकता है! CBDT बोर्ड नयी व्यवस्था में आर्टिकल 206 AB और 206CCA उन पर इस अनुपालन बोझ को हल्का होगा! नयो व्यवस्था के अंतर्गत TDS और TCS संग्रहकर्ता को उस पेमेंट करने वाले अथवा TCS देनदार का पैन कार्ड पैन प्रक्रिया में डालना होगा! ऐसा करने से उस व्यक्ति की पहचान हो जाएगी की वह व्यक्ति विशिष्ट है अथवा नही!

TDS Income Tax की ऑफिसियल की वेबसाइट के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here 

What Is TDS and its full Form

भारत में स्रोत पर कर कटौती आय! लाभांश या संपत्ति की बिक्री पर कर एकत्र करने का एक साधन है! जिसके लिए  भुगतानकर्ता को शेष राशि का भुगतान करने से पहले कर में कटौती करने की आवश्यकता होती है! 1961 के भारतीय आयकर अधिनियम के तहत, आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार! स्रोत पर आयकर की कटौती की जानी चाहिए! TDS का फुल फॉर्म Tax Deducted At Source.इन प्रावधानों के तहत कवर किए गए किसी भी भुगतान का भुगतान आयकर के एक निर्धारित प्रतिशत की कटौती के बाद किया जाएगा!

Objectives of TDS 

  • वेतन भोगी लोगों को प्रत्येक महीने income के रूप में कर का भुगतान करने में सक्षम बनाना है! यह वेतन भोगी व्यक्तियों को आसान किश्तों में कर का भुगतान करने में सहायता करता है! और एक मुश्त समाधान के बोझ से भी बच जाएँगे!
  • विभिन्न निर्धारित जैसे ठेकेदार पेशेवरों आदि को आय के भुगतान के समय tax करना आदि! 
  • सरकार को एक वर्ष के फंड की जरूरत होती है! इसलिए अग्रिम tax और श्रोत पर कर की कटौती से सरकार को धन मिलता रहेगा! और सरकार को अच्छे से चलाने में सहायता भी मिलेगी!

TDS on Immovable Property 

यह प्रावधान 1 जून 2013 को या उसके बाद किये गए लेनदेन के सम्बन्ध में लागू किया है! यह एक निवासी हस्तानान्तरण पर स्त्रोत पर कर की कटौती की मांग करता है! कोई भी व्यक्ति जो एक tax देने के काबिल है! जो 50 लाख से अधिक की किसी भी अचल संपत्ति के हस्तानान्तरण के लिए प्रतिफल के रूप में निवासी को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है! ऐसी राशि को हस्तानान्तरण कर्ता के खाते में जमा करते समय या भुगतान के समय किसी भी तरीके से किया जाता है! श्रोत पर कटौती केवल 1 % पर करनी होगी!

TDS Certificate

एक कटौतीकर्ता को एक निर्दिष्ट समय के वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए फॉर्म 16 ! और गैर वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए फॉर्म 16A नामक एक TDS प्रमाणपत्र जारी करना बहुत ही आवश्यक है!

फॉर्म 16D एक TDS प्रमाण पत्र है! जो भुगतानकर्ता द्वारा आर्टिकल 194M के तहत कमीशन,ब्रोकरेज, अनुबंध शुल्क, पेशेवर शुल्क के भुगतान के लिए जारी किया जाता है! आर्टिकल 194M के तहत यदि वित्तीय वर्ष के दौरान निवासी ठेकेदारों और पेशेवरों को 50 हजार रु० से ज्यादा भुगतान देना पद सकता है! तो भुगतान कर्ता को देय राशि से 5 % की दर से कटौती करनी पड़ेगी!

इन्हें भी पढ़ें- अपने डीमैट अकाउंट से Share ऐसे करें ट्रांसफर,बेस्ट तरीके

बिना इन्टरनेट के चेक हो जाएगा SBI का बैलेंस, जाने क्या है तरीका