ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना 2021,जाने इस योजना का उद्देश्य

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ग्रामीण जलापूर्ति (जल जीवन मिशन) 2024 क्या हैं?

जल जीवन मिशन का प्राथमिक लक्ष्य है वर्ष 2024 तक क्षेत्र के सभी घरों तक चालू नल संयोजन (FHTC) पहुंचाना! Jal Jeevan Mission, ग्रामीण भारत के सभी घरों में 2024 तक व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लागू किया गया है!

सभी कार्यक्रम अनिवार्य तत्वों के रूप में स्रोत स्थिरता उपायों को भी लागू करता है, जैसे कि दोबारा भरने उर दोबारा प्रयोग, ग्रे वाटर मैनेजमेंट,जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन! जल जीवन मिशन पानी के लिए एक सामुदायिक दृष्टिकोण पर आधारित होगा और इसमें मिशन के प्रमुख घटक के रूप में व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार शामिल होंगे! जे जे एम पानी के लिए एक जनोलन बनाता है, जिससे यह हर किसी की प्राथमिकता है!

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ग्रामीण जलापूर्ति (जल जीवन मिशन) 2024 उद्देश्य 

प्रत्येक ग्रामीण परिवार को किफायती सेवा वितरण शुल्क पर नियमित और दीर्घकालिक आधार पर निर्धारित गुणवत्ता की पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति होती है जिससे ग्रामीण समुदायों के जीवन स्तर में सुधार होता है!

  1. प्रत्येक ग्रामीण परिवार को FHTC प्रदान करना।
  2. गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों, सूखा प्रवण और रेगिस्तानी क्षेत्रों के गांवों, सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) गांवों आदि में FHTC के प्रावधान को प्राथमिकता देना!
  3. विद्यालयों, आंगनबाडी केन्द्रों, ग्राम पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केन्द्रों, आरोग्य केन्द्रों तथा सामुदायिक भवनों को कार्यात्मक नल कनेक्शन प्रदान करना
  4. नल कनेक्शन की कार्यक्षमता की निगरानी के लिए
  5. जल आपूर्ति प्रणाली, अर्थात जल स्रोत, जल आपूर्ति अवसंरचना, और नियमित ओ एंड एम के लिए धन की स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता करना
  6. विभिन्न पहलुओं और सुरक्षित पेयजल के महत्व और हितधारकों की भागीदारी के बारे में जागरूकता लाने के लिए जो पानी को हर किसी का व्यवसाय बनाते हैं!

ग्रामीण जलापूर्ति 2024 योजना द्वारा होने वाले कार्य 

  1. वर्तमान चालू घरेलू नल संयोजनों का आधारिक मानचित्रण!
  2. जल जीवन मिशन के अन्तर्गत लिए जाने वाले ग्रामों को चिन्हित किया जाना!
  3. ISAPHED/RWS विभाग के अधिकारियों को ग्राम का उत्तरदायित्व सौंपा जाना!


4.जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन पर कार्यशालों का आयोजन करना!

5.जल जीवन मिशन के उद्देश्यों से समुदाय को आई ई सी अभियान के माध्यम से परिचित कराना तथा इस संबंध में पी एच ई डी/आर डब्ल्यू एस विभाग से समन्वय स्थापित करना!

6.जल जीवन मिशन को ग्रामों में पहुंचाने के सकल्प हेतु ग्राम पंचायत की उप समिति यथा वी डब्ल्यू एस सी/पानी समिति/उपयोगकर्ता समूह आदि का गठन करना!

7.पी आर ए गतिविधियों को आरंभ करना!

जल जीवन मिशन का उद्देश्य 

  1. ग्राम पंचायतों तथा/अथवा इसकी उप समितियों यथा वी डब्ल्यू एस सी/पानी समिति/उपयोगकर्ता समूह आदि की कार्यकारिणियों का क्षमता वर्धन करना!
  2. वी ए पी (ग्राम कार्य योजना ) तैयार करना!
  3. वी ए पी (ग्राम कार्य यजना) को स्वीकृति देना!
  4. वर्तमान विभागीय प्रक्रियाओं के अनुरूप डिजाइन तथा आंकलन तैयार करना, उन्हें अंतिमीकृत करना तथा तकनीकी स्वीकृति प्रदान करना!
  5. आंकलित लागतों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करना!
  6. समुदाय के योगदान का निर्धारण करना तथा अनिवार्य वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्त कर इसे बैंक अकाउंट में जमा करवाना!
  7. फसल तथा गुणवत्ता हेतु जाँचें/जलापूर्ति हेतु स्रोत का संवर्धन आधारभूत संरचना का सृजन जब तक कि चालू घरेलू नल संयोजन न स्थापित हो जाए जिसमें स्रोत की निरंतरता भी बनी रहे!
  8. थर्ड पार्टी के निरीक्षणोपरांत भुगतान हेतु तैयारी करना, संपत्तियों की जियो टैगिंग करना तथा लेखा रजिस्टर संधारित करना!

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सारिणी

कुल गाँव की संख्या 37998
स्कीम के द्वारा अभिग्राहित गाँव  00
पाइप और टैंक  3192
Handpump 23143
क्षेत्रीय योजना  9077
डिग्गी एवं अन्य  282
परम्परागत या जवाहर जल योजनायें 1862 
Total 37556

 

जल आपूर्ति से सम्बंधित एजेंसिया

बहुत सारी सार्वजानिक एजेंसियां की पेयजल व्यवस्था के विभिन्न पक्षों का कार्य सौंपा जाता है! राज्य भूजल विभाग SGWD तथा जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग PHED भूजल के मुख्य प्रभारी हैं! केंद्रीय भूजल बोर्ड की भी राज्य में एक Kshetriya Ekai है! स्थानीय पंचायतें कभी-कभी हैंडपंपों की मरम्मत और रखरखाव करती हैं! और पारंपरिक जल स्रोतों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होती हैं! ग्रामीण जलापूर्ति की व्यवस्था टैंकरों, ट्रकों द्वारा की जाती है, जिसकी व्यवस्था जिलाधिकारी करते हैं! यह व्यवस्था गर्मियों में बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है जब पानी के अन्य स्रोत अपर्याप्त रहते हैं!

सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था के लिए सरकार के प्रयास

भारतीय सरकार ने शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल के प्रावधान को निश्चित करने के लिए एक संघठन को तैयार किया है! प्रजेंट में Rajeev Gandhi पेयजल मिशन के नाम से जानी जाने वाली प्रमुख समिति है जो की राजकीय निकाय द्वारा प्रयुक्त निति का निर्धारण एवं उसके क्रियान्वयन की रूपरेखा को तैयार करती है! राजीव गाँधी पेयजल योजना द्वारा स्वीकृत की रणनीति के प्रमुख घटक कुछ इस तरह है!

  1. सुरक्षित पेयजल के लिए मार्क तथा हैण्डपम्पो का प्रावधान
  2. पेयजल आपूर्ति के लिए नल को लगाना

इन साधनों को स्थापित करने का मुख्य कारण ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पेयजल पहुँचाना है! इस योजना के चलते समस्याग्रस्त गाँव की संख्या में तेजी से कमी हो रही है! लेकिन तभी बहुत सारी से प्रभावित है,ये समस्याएँ कुछ इस तरह हैं!

जल आपूर्ति मुख्य समस्याएँ

  1. एक राजस्व गाँव में अनेक बस्तियां और क्षेत्र हो सकते हैं!प्रमुख बस्तियों और गांवो में सुरक्षित पीने का पानी का स्रोत उपलब्ध होने भी यह संभव है की इन छोटी छोटी बस्तियों में ऐसा कोई भी नही है!
  2. हैंडपंप के यांत्रिक भाग की regular देख रेख की जरूरत होती है!जबकि स्थानीय प्लम्बर को प्रशिक्षित किया जाता है! इनके प्रशिक्षण हेतु बहुत सारे कार्यक्रम चलाए जाते हैं!
  3. जिस तरह भूजल का स्तर गिरता जा रहा है वैसे वैसे ही हैण्डपम्पो पर बुरा प्रभाव होता जा रहा है! 
  4. भूजल के अंधाधुंध प्रयोग से जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है! लोहे, फ्लोराइड और आर्सेनिक के अधिक्य के कारण पानी में रासायनिक प्रदूषण उत्पन्न हो जाता है,तब वह पानी पीने योग्य नही रहता है!

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