Sunday, December 5, 2021
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आयुष्मान भारत योजना के मरीजों की बायोमेट्रिक द्वारा होगी पहचान व गिनती लगेगा विशेष कैंप

आयुष्मान भारत योजना के मरीजों की बायोमेट्रिक द्वारा होगी पहचान व गिनती लगेगा विशेष कैंप

नमस्कार दोस्तों आयुष्मान भारत योजना के मरीजों की बायोमेट्रिक द्वारा होगी पहचान व गिनती लगेगा विशेष कैंप

स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह गुरुवार को सदर अस्पताल पहुंचे और विभिन्न

वार्डों का जायजा लिया। वे सबसे पहले सदर अस्पताल में बने आयुष्मान वार्ड गए, जहां पर कर्मियों से मरीजों

के इलाज के तौर-तरीकों की खबर ली। फिर वे डीएस कार्यालय पहुंचे और सदर अस्पताल की व्यवस्थागत कमियों

के बारे में पूछताछ की। पत्रकारों से बातचीत में सचिव ने कहा कि केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत

योजना का हर हाल में बेहतर तरीके से अनुपालन करना है। इसके लिए सभी डॉक्टरों व कर्मियों को ईमानदारी

से काम करना होगा।

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आयुष्मान भारत योजना के द्वारा अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों की होगी बायोमेट्रिक

उन्होंने सदर अस्पताल के आयुष्मान भारत योजना वार्ड को क्षेत्रफल व बेड के लिहाज से बहुत छोटा माना।

निर्देश दिया कि इसे बड़े भवन में शिफ्ट करें ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि

आयुष्मान भारत योजना के द्वारा अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों की बायोमेट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनाएं

ताकि उनकी पहचान के साथ संख्या का पता चल सके। उन्होंने योजना के तहत लाभुकों को दिए

जाने वाले गोल्डेन कार्ड बनाने में तेजी लाने का आदेश दिया। बताया जिले में 14 लाख लाभुकों के गोल्डेन कार्ड

बनाए जाने हैं।

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आयुष्मान भारत योजना का लगेगा दस दिनों का विशेष कैंप 

अभी तक मात्र 70 हजार कार्ड ही बने हैं, यह चिताजनक है। सीएस को इसकी संख्या बढ़ाने के

लिए डीएम से समन्वय स्थापित कर दस दिनों का विशेष कैंप लगाने को कहा।

मरीजों की जेब से एक रुपए भी नहीं होने दें खर्च सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल में

आयुष्मान भारत योजना के द्वारा इलाज कराने आए मरीजों की जेब से किसी भी हाल में एक रुपए भी

खर्च नहीं होने चाहिए। उनका मुकम्मल इलाज, जांच व दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हो तो ठीक है, यदि

बाहर से जांच कराने या दवा की जरूरत पड़े तो मुफ्त में ये सुविधा मुहैया करानी है। इस कार्य में पूरी

इमानदारी बरतनी होगी। गड़बड़ी की शिकायत होने पर दोषी पर सीधी कार्रवाई होगी।

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173 करोड़ की राशि की गई है स्वीकृत आयुष्मान भारत योजना के लिए 

आयुष्मान भारत के प्रथम चरण में दिए गए 62 करोड़ विभागीय सचिव ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना

के लिए कुल 173 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, इसमें पहले चरण में 62 करोड़ रुपए की राशि आ

चुकी है। पूछताछ में बताया गया कि यहां पर सबसे ज्यादा डायलिसिस हुई है। इसके अलावा प्रसव के मरीज आए हैं।

सिविल सर्जन को प्रखंडों में जाकर आशा कर्मियों के कार्यकलापों की जानकारी लेने का निर्देश सचिव ने सिविल

सर्जन को जिले के सभी प्रखंडों में जाकर आशा के साथ बैठक कर उनके कार्यों की स्थिति के बारे में पूरी

जानकारी लेंगे और उन्हें योजनाओं के संचालन में कैसे सहयोग करना है, इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे।

उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की चल रही तमाम योजनाओं को लक्ष्य तक पहुंचाना है, इसके लिए

सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है।

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