विवाह का पंजीकरण क्यों हैं ,जरूरी कैसें करें ऑनलाइन आवेदन ये है फायदे

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आज की तारीख़ में विवाह का पंजीकरण जरूरी है! भारत में अब लगभग अब हर धर्म के लोगों के लिए
इसे अनिवार्य कर दिया गया है इसके बावजूद लोग जागरूक नहीं हैं। शादी का रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है?
इसके क्या लाभ हैं और इसकी प्रक्रिया क्या है, जानें इस लेख में।

benefit of marriage certificate?

विवाह दो आत्माओं का पवित्र बन्धन है। दो प्राणी अपने अलग-अलग अस्तित्वों को समाप्त कर एक सम्मिलित
इकाई का निर्माण करते हैं। स्त्री और पुरुष दोनों में परमात्मा ने कुछ विशेषताएँ और कुछ अपूणर्ताएँ दे रखी हैं।
विवाह सम्मिलन से एक-दूसरे की अपूर्णताओं की अपनी विशेषताओं से पूर्ण करते हैं, इससे समग्र व्यक्तित्व का
निर्माण होता है। इसलिए विवाह को सामान्यतया मानव जीवन की एक आवश्यकता माना गया है। एक-दूसरे को
अपनी योग्यताओं और भावनाओं का लाभ पहुँचाते हुए गाड़ी में लगे हुए दो पहियों की तरह प्रगति-पथ पर अग्रसर होते
जाना विवाह का उद्देश्य है।

भारत में विवाह पंजीकरण के मुख्यतः दो तरीके होते हैं-

हिंदू विवाह अधिनियम (1955)

हिन्दू विवाह अधिनियम भारत की संसद द्वारा सन् १९५५ में पारित एक कानून है। इसी कालावधि में तीन अन्य
महत्वपूर्ण कानून पारित हुए हिन्दू उत्तराधिका अधिनियम (1955), हिन्दू अल्पसंख्यक तथा अभिभावक अधिनियम
(1956) और हिन्दू एडॉप्शन और भरणपोषण अधिनियम (1956). ये सभी नियम हिन्दुओं के वैधिक परम्पराओं को
आधुनिक बनाने के ध्येय से लागू किए गये थे।

विशेष विवाह अधिनियम (1954)

विशेष विवाह अधिनियम, 1954 भारत की संसद का एक अधिनियम है जो भारत के लोगों और विदेशी देशों में सभी भारतीय नागरिकों के लिए विवाह का विशेष रूप प्रदान करता है, भले ही किसी भी पार्टी के बाद धर्म या विश्वास के बावजूद। यह अधिनियम 1 9वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में प्रस्तावित कानून के एक टुकड़े से हुआ था

मैरिज एक्ट और रजिस्ट्रेशन

1.हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 8 में मैरिज का रजिस्ट्रेशन व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है।
2.मुस्लिम मैरिज में भी कुछ राज्यों की नियमावली में रजिस्ट्रेशन व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर है।
3.ईसाई मैरिज अधिनियम 1872, स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 और पारसी मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट 1936
के तहत मैरिज रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
4.जम्मू एंड कश्मीर मुस्लिम मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1981 के अनुसार निकाह के 30 दिन के भीतर मैरिज रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।

विवाह पंजीकरण आवेदन शुल्क

विवाह पंजीकरण शुल्क
विवाह से 1 वर्ष तक (10 )दस रूपये
विवाह के 1 वर्ष बाद (50) पचास रूपये (प्रति वर्ष की दर से)

Benefits of Marriage Registration:

  1. भारतीय कानून के अनुसार यह आपके विवाहित होने का कानूनी प्रमाण है।
  2. संयुक्त बैंक खाता और जीवन बीमा करवा सकती हैं।
  3. राष्ट्रीयकृत बैंक में लोन लेने में सहायक।
  4. अगर पति सरकारी नौकरी में हैं, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा का उपयोग कर सकती हैं।

विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज़ कौन-कौन से हैं?

1.आधार कार्ड की कॉपी
2.दो फोटो पासपोर्ट साइज़ की नई
3.पहचान प्रमाण पत्र
4.आयु प्रमाण पत्र
5.निवास प्रमाण पत्र
6.पासपोर्ट
7.शपथ पत्र
8.शादी के फोटोग्राफ, निमंत्रण पत्र, मंदिर में शादी हुई हो तो पुजारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र
9.यदि विदेशी से शादी हुई हो तो उसके देश की एंबेसी द्वारा ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट।

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यूपी मैरिज सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन 2021 (UP Marriage Certificate Registraition 2021)

हिंदू विवाह अधिनियम (1955) या विशेष विवाह अधिनियम (1954) में से किसी एक के तहत शादी
को पंजीकृत किया जा सकता है। हिंदू विवाह अधिनियम केवल हिंदुओं पर लागू होता है, जबकि स्पेशल
मैरिज एक्ट भारत के समस्त नागरिकों पर लागू होता है।

विवाह रजिस्ट्रेशन आवेदन पत्र

1.अब आप विवाह प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं |
2.विवाह प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको igrsup.gov.in की वेबसाइट पर क्लिक करें |

Marriage Registration In Up
3.इसके बाद विवाह पंजीकरण के टैब पर क्लिक करें |
4.और यह पर दिए गये सभी निर्देशों को ध्यान से पढने के बाद नवीन आवेदन प्रपत्र भरें के विकल्प पर क्लिक करें |
5.अब आपके सामने फॉर्म खुल जाये ये फॉर्म आपको तीन भाग में भरना हैं पति का विवरण,पत्नी का विवरण,विवाह
स्थल/पंचीकरण कार्यलय का चयन

विवाह प्रमाण पत्र कैसे बनाएं?
6.आपको को सबसे पहले पति की डिटेल्स को सही-सही भरकर सुरक्षित कर लें
7.इसके बाद आपको अपनी पत्नी की डिटेल्स को ठीक से भरकर सुरक्षित कर लें
8.ये डिटेल्स भरने के बाद आपको मैरिज स्थल या फिर पंचीकरण कार्यलय को चुनना हैं |
9. पूर्ण विवरण भरने के पश्चात कृपया पूर्वावलोकन में भरे हुए प्रपत्र को पूर्ण रूप से भलीभांति जांच लें, यदि किसी भी         प्रकार की गलती हो तो संबंधित विकल्प पर जाकर सही करें |

marriage certificate online registration

 वर एवं वधू को शपथ पत्र भी अपलोड करना अनिवार्य है

10.और एक बार पुनः पूर्वावलोकन में पूर्ण विवरण को जांच कर पूर्ण सुरक्षित करें।
11.सभी जानकारी पूर्ण रूप से सही-सही भरने के बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करें |
12.आवेदन प्रपत्र को पूर्ण सुरक्षित करने के बाद आवेदन पत्र संख्या एवं पासवर्ड उपलबध होगा।
13.इस आवेदन संख्या व् पासवर्ड को आपको अपने पास सुरक्षित रखें।
14.पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान हेतु सम्बंधित विकल्प का चयन करें।
15.और paymentकरने के बाद “भुगतान पावती” का प्रिंट आउट ले कर सुरक्षित रखें।

उत्तर प्रदेश विवाह प्रमाण पत्र फॉर्म डाउनलोड करें –

how to Download Application Form For UP Marriage Certificate Registration:

मैरिज प्रमाण पत्र फार्म PDF UP आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे-

https://www.applicationformpdf.com/wp-content/uploads/2020/06/Uttar-Pradesh-Marriage-Certificate-Form.pdf

 

विवाह प्रमाण पत्र आवेदन के लिए शपथ पत्र के प्रारूप को  डाउनलोड करने हेतु लिंक नीचे दिए गये PDF File क्लिक करें |

https://www.applicationformpdf.com/wp-content/uploads/2020/06/Uttar-Pradesh-Marriage-Certificate-Form.pdf

  1. नोट : समस्त संलग्न(upload) किये गए प्रमाण पत्र व शपथ पत्र त्रुटिपूर्ण पाए जाने पर विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र निरस्त किया जा सकता है।

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