राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर स्थित टोल प्लाजा पर फास्ट टैग (FastTag) 15 जनवरी से
अनिवार्य हो गया . अभी तक प्राप्त आंकड़ो के अनुसार करीब 50 प्रतिशत चालक फास्ट टैग
का उपयोग कर रहे हैं. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण National Highways Authority of India
(NHAI) ने फ़ास्ट टैग को लेकर जानकारी देते हुए कहा है कि अगर टोल-प्लाजा पर फ़ास्ट टैग
रीड नहीं हो पाया तो यात्रियों को फ्री यात्रा करने का मौका मिलेगा.

टोल-प्लाजा पर फ़ास्ट टैग रीड न होने पर मिलेगा फ्री सफर कर चांस

राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क निर्धारण और संग्रह संशोधन नियम 2018 GSR 427E 07.05.2018 अधिसूचना
के मुताबिक, वाहनों को टोल-फ्री यात्रा करने की अनुमति दी जाती है यदि टॉल प्लाजा लेन में
स्थापित फस्टैग मशीनें इसे स्कैन करने में विफल रहती हैं.

fastag kya hai ?

FASTag एक प्रीपेड रिचार्जेबल टैग सेवा है, जो हाईवे पर टोल के लिए स्वचालित भुगतान करने की
अनुमति देती है. ये टैग न केवल चालक के समय की बचत करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता
है कि टोल से गुजरने वाले हर वाहन को स्कैन किया जाए और उसका हिसाब लगाया जाए.

सिस्टम को लागू करने के पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों को जाम से मुक्ति दिलाना है, क्योंकि
टोल प्लाजा कैशलेस न होने की वजह से जब तक लोग पर्ची कटवाते, तब तक जाम लग जाता
है. ये सिस्टम पूरी तरह से लागू होने के बाद जाम से मुक्ति मिल जाएगी.

ऐसे होगा रिचार्ज और कटेंग पैसे

फास्ट टैग स्टीकर लगने के बाद आपको एक आइडी मिलेगी, जो आपका अकाउंट होगा.
उक्त अकाउंट में आपको कम से कम 100 रुपये बैलेंस रखने होंगे. यदि आप बैलेंस नहीं
रखते तो अकाउंट ब्लैक लिस्ट हो जाएगा. उदाहरण के लिए आपने यदि 500 रुपये का
रिचार्ज करवा रखा है तो वो आपके फास्ट टैग अकाउंट में चले जाएंगे. फिर आप जिस-जिस
टोल से निकलेंगे, आपके अकाउंट से पैसे कटते जाएंगे. अगर आपके अकाउंट मे बैलेंस खत्म
होने वाला हो तो किसी भी टोल प्लाजा से रिचार्ज करवा

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