Facebook ने माना प्लेन टेक्स्ट’ में रखे गए थे यूजर्स के पासवर्ड पढ़ सकते थे कर्मचारी

नमस्कार दोस्तों दोस्तों मेरा नाम है अरुन अवस्थी दोस्तों हाल के दिनों में अपने यूजर्स की गोपनीयताको सुरक्षित

रखने को लेकर सवालिया घेरे में आई कंपनी Facebook ने एक और चौंकाने वाली बात स्वीकार की है।

फेसबुक ने एक और चौंकाने वाली बात स्वीकार की है।

दुनिया की अग्रणी सोशल मीडिया कंपनी ने गुरुवार को माना कि उसने लाखों पासवर्डों को ‘प्लेन टेक्स्ट’ में अपने

सर्वरों में रखा था प्लेन टेक्स्ट में होने की वजह से फेसबुक के कर्मचारी इन पासवर्डों को पढ़ सकते थे।

इस खुलासे के बाद फेसबुक द्वारा अपने ग्राहकों की प्राइवेसी सुरक्षित रखने को लेकर नए सिरे से शक पैदा हो सकता है।

इंजीनियरिंग, सुरक्षा और प्राइवेसी के उपाध्यक्ष पेड्रो कैनहॉती ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि ये पासवर्ड

फेसबुक के बाहर के किसी भी व्यक्ति को कभी भी नहीं दिखाए गए हैं।

उन्होंने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि हमें इस बात का भी कोई सबूत नहीं मिला है

कि कंपनी के किसी भी कर्मचारी ने इन पासवर्डों का दुरुपयोग किया हो या गलत तरीके से उन तक पहुंचा हो।

उन्होंने बताया कि इस गलती का पता इस साल शुरू में नियमित सुरक्षा समीक्षा के दौरान चला।

उन्होंने कहा कि सिलिकॉन वेली कंपनी अपने करोड़ों फेसबुक और इंस्ट्राग्राम के उपयोगकर्ताओं को इस बाबत सूचित कर सकती है।

यह खुलासा ऐसे में समय में हुआ है जब इस बात को लेकर विवाद चल रहा है

कि फेसबुक अपने उपयोगकर्ताओं की निजता और डेटा को सुरक्षित रखता है या नहीं।

इस खुलासे ने निश्चित रूप से कंपनी की विश्वसनीयता पर एक बार फिर लोगों के मन में अपनी निजता की सुरक्षा को लेकर शंका पैदा कर दी है।

एक न्यूज़  में कहा गया है कि कई स्मार्टफोन ऐप उपयोगकर्ताओं को सूचित

किए बिना ही मासिक धर्म और शरीर के वजन जैसी उनकी बेहद व्यक्तिगत जानकारियां फेसबुक को भेज रहे हैं।

समाचार पत्र ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने अपने यहां आंतरिक जांच के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है,

जिसमें फेसबुक बारे में बताया गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि विज्ञापनों से जुड़े टूल का उपयोग करके अंतरंग डाटा फेसबुक के साथ साझा किए जा

सकता है भले ही ऐप उपयोगकर्ता फेसबुक का इस्तेमाल करता हो या नहीं रिपोर्ट के मुताबिक ऐप द्वारा एकत्रित जानकारी

में शरीर का वजन, गर्भावस्था की स्थिति, ओव्यूलेशन संबंधी जानकारी और खरीदे गए सामान के बारे में विवरण शामिल हैं।

 फेसबुक ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।

फेसबुक की प्रवक्ता निसा अंकलेसरिया ने कहा, “हम चाहते हैं कि ऐप डेवलपर्स अपने उपयोगकर्ताओं के बारे में हमसे साझा की गई जानकारी को लेकर बिल्कुल स्पष्ट रहें

और हम उन्हें संवेदनशील जानकारियां भेजने से मना करते हैं।

निसा अंकलेसरिया कहा हम उन आंकड़ों का पता लगाने और उन्हें हटाने के लिए भी कदम उठाते हैं

जिन्हें हमारे साथ साझा नहीं किया जाना चाहिए।

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