ई-नाम मंडी से होगा करोड़ो किसानो को लाभ, जान लें फीचर्स:

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ई-नाम (National Agricultural Market) मंडी से जुड़े किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है| अब तक 1.69 करोड़ किसानों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है और यह संख्या 2021-22 में और बढ़ेगी| इसके पीछे कारण यह है कि इस योजना से किसान घर बैठे अपनी फसल बेच सकता है| इस योजना के तहत देश की विभिन्न मंडियों को इससे जोड़ा जा रहा है| अब तक 1000 कृषि उपज मंडियां देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ी हुई हैं| सरकार का लक्ष्य 1000 और नई थोक कृषि मंडियों को इससे जोडऩे का है| हाल ही में केन्द्रीय कृषि मंत्री ने इस योजना से जुड़े सवालों का जबाब सदन में दिया|

क्या है जारही ई-नाम मंडी स्कीम: 

राष्ट्रीय कृषि बाजार देश में विभिन्न कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। बाजार किसानों, व्यापारियों और खरीदारों को उपज के ऑनलाइन व्यापार की सुविधा देता है। यह किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करता है और उनकी उपज के बेहतर विपणन के लिए सुविधाएं प्रदान करता है|कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत अनाज, तिलहन, फल ​​और सब्जियों सहित 175 कृषि वस्तुओं का व्यापार किया गया है। 14 मई 2020 तक, ई-एनएएम प्लेटफॉर्म पर 3.43 मिलियन टन कृषि वस्तुओं और 38.16 बांस और नारियल के व्यापार के साथ 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ है|

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किस तरह से कार्यान्वित की जा रही है ई-नाम मंडी स्कीम :

इस बजट में वित्त मंत्री की ओर से बताया गया है कि देश भर में ई-नाम मंडी योजना के माध्यम से 1,000 मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा गया है| जल्द ही 1000 और मंडियों को जोड़ा जाएगा| 2021 के बजट सत्र में जयदेव गल्ला और विष्णु दयाल राम ने लोकसभा में ई-नाम योजना से संबंधित प्रश्न कृषि मंत्री से पूछे थे| इस बारे में कृषि और कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में इस योजना के बारे में विस्तार से बताया|

ई-नाम मंडी योजना के तथ्य :

लोकसभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 15 मई 2020 तक 18 राज्यों के 1000 कृषि मंडियों और साथ ही 3 केंद्र शासित प्रदेशों को ई-एनएएम द्वारा जोड़ा गया है| इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1.69 करोड़ किसानों ने पंजीकरण कराया है| इसके साथ ई-एनएएम प्लेटफॉर्म पर 1,012 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के उपयोगकर्ता आधार और 1.31 लाख व्यापारियों को पंजीकृत किया गया है|

कौन से किसान जुड़े हैं अभी तक इसके अंतर्गत :

इस ई-नाम मंडी योजना में 1.59 करोड़ किसान जोड़ने का बजट बनाया गया है | इस योजना में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के किसान का पंजीयन हुवा है| इसमें लगभग 33,00100 किसान के ऊपर किसानों को पंजीयन हुए हैं |दूसरे और तीसरे स्थान पर MP और Hariyana है| MP में लगभग 3020000 के ऊपर किसानो के पंजीयन हुए हैं |और हरियाणा में लगभग 27,24000 के ऊपर किसानो के पंजीयन हुए हैं |लेकिन बहुत सी जगहों पर किसानो को जानकारी ना होने के कारण पंजीयन करा पायें हैं-जैसे की जम्मूकश्मीर में अभी तक केवल 98 किसानों के ही पंजीयन हो पाए हैं|इस तरह केरल में अभी तक केवल 1190 किसान ने ही ई-नाम मंडी के तहत पंजीयन कराया हुवा है| इसी तरह किसान इस योजना के तहत पंजीयन कराके लाभ ले सकते हैं|

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किस तरह ई-नाम मंडी योजना से मिल रहा है श्रमिकों को लाभ :

इस योजना में किसानो के साथ साथ कृषक श्रमिक भी जुड़े हुए हैं | किसान के साथ ही उनको भी इस योजना लाभ दिया जा रहा है | ई-नाम मंडी योजना से सबसे ज्यादा अभी तक उत्तर प्रदेश के कृषक श्रमिक जुड़े हुए हैं |दुसरे नंबर पर राजस्थान के किसान श्रमिक की संख्या है |इसी तरह देश के लगभग 3 करोड़ 25 हजार से भी ज्यादा श्रमिक किसान को इस योजना के तहत लाभ प्रदान किया जा रहा है|

किसानो को होने वाले लाभ:

  • ई-नाम पोर्टल का मुख्य लक्ष्य पूरे देश को बाजार में जगह दिलाना है।
  • उदाहरण के लिए, यदि राजस्थान का कोई किसान हरियाणा में अपनी कृषि उपज बेचना चाहता है,
  • तो वह इस ई-नाम के माध्यम से इसे ऑनलाइन बेच सकता है।
  • ई-नाम की मदद से किसान के लिए अपनी कृषि उपज को ले जाना और उसकी मार्केटिंग करना आसान हो गया है।
  • किसान घर से यह पता लगा सकता है कि वह देश के किस राज्य के बाजार में अपनी फसल के लिए अधिक कीमत पा सकता है।
  • इस तरह किसानों को इससे अधिक फायदा हो रहा है |

ई-नाम मंडी पोर्टल पर इस तरह कर सकेंगे रजिस्टर :

इस योजना के माध्यम से किसानो को कृषि से होने वाले उपज को बेचने के लिए ई-नाम मोबाइल एप्प पर या वेब पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा |

  • इसके लिए आपको सबसे पहले इसकी ऑफिसियल वेबसाइट www.e-nam.gov.in पर जाना होगा |
  • होम पेज पर रजिस्टर बटन पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन कर लेना है |
  • इसके साथ ही आपको एक वैलिड ईमेल लिखनी होगी | जिस पर आपको लॉग इन id प्रोवाइड करा दी जाएगी |
  • अब आपको ई-नाम वेबसाइट पर खुद को पंजीकृत करने के लिए केवाईसी विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रदान करने होंगे|
  • इसके बाद एपीएमसी आपके केवाईसी को मंजूरी देगा जिसके बाद आप अपनी कृषि उपज का व्यापार शुरू कर सकते हैं|

निष्कर्ष :

यदि आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू पशु और पशुधन को बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि अधिक से अधिक खरीदार आपसे संपर्क करें और अपनी वस्तु की अधिकतम कीमत प्राप्त करें|तो अपने ट्रैक्टर आइटम का पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन निशुल्क और ट्रैक्टर जंक्शन के विशेष प्रस्तावों का लाभ उठा सकते हैं |

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