रियल लाइफ में जाने की ओडर का मतलब Big myths of indian

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रियल लाइफ में जाने की ओडर का मतलब Big myths of indian
रियल लाइफ में जाने की ओडर का मतलब Big myths of indian

रियल लाइफ में जाने  की ओडर का मतलब Big myths of indian

आज कल ट्यूशन मुझसे बहुत पूछा जा रहा है कि जज ओडर ओडर  क्यों करते हैं इसका चार रीज़न होता है

सुबह सुबह पिंकी कश्यप आज की स्थितियों में हम इस बारे में बात करने वाले हैं तो चलिए शुरू करते हैं

करती है जो सिर्फ फिर भी कोर्ट में ही पाई जाती है

रियल लाइफ में जाने  की ओडर का मतलब

जबकि अगर आपको रियल लाइफ कोर्ट में देखे तो वहाँ आपको उनका नामो निशान भी नहीं मिलेंगे

जो चीज़ फ़िल्म कोर्ट में पाई जाती हैं उनमें से एक नेता पुराने बाइबिल पर हाथ रख कर के कसम खिलाएं

फ़िल्म में अपडेट होंगे कि कोर्ट में जयपुर स्टेट में गिर जाता है तो उससे पहले पुरान पर पार्टी पर यह गीत

पर हाथ रखकर कसम खिलाई जाती है जबकि अगर आप रियल लाइफ स्पोर्ट में देते हैं तो

फिल्मों में देखे की क्या होता है

आपको ऐसा कोई रिवाज नहीं मिलेंगे इसी तरह से फ़िल्म में आप देखते होगे कृप्या यदि स्कोर नहीं पार

कर दी जाती है जबकि पीआईएल के रूप में है कि अगर किसी को सेशन वाइड प्यायल आपको फाइल

करनी है तो वह सिर्फ और सिर्फ हाईकोर्ट ने यह सुप्रीम कोर्ट में ही पाई जा सकती है इसी तरह

से फिल्मों में देखे होंगे जबकि कोई भी लिया हीरो कोई बड़ा काम करता है और पुलिस को गिरफ्तार

कर लेती है तो उसका एक पुलिस स्टेशन आता है

रियल लाइफ में देते हैं

और उसकी बेल करा कर के ले जाता है जबकि अगर आप रियल लाइफ में देते हैं जो पहले कोला

ओपन रखने पुणे में पुलिस स्टेशन के तेल मीलती है उसमें भी किसी अधिकृत की जरूरत नहीं पड़ती है

जबकि जो नॉर्मल लेवल ऑफिसर बड़े में उसने बेल की रिपोर्ट नहीं मिली है पुलिस स्टेशन पर

नहीं मिलते फिल्मों में आप कोर्ट में एटोयाक पश्चिम डालते हुए कहा कि वे देखते होंगे

एडवोकेट तेज आवाज में  नही बोलता

जबकि रियल कोर्ट में एडवोकेट या कोई भी पर्सन तेज आवाज में नहीं बोल सकता है वरना उसके ऊपर कंचन का कोटा चार लगाएगा एक तरह से आप फिल्मों में

जेम्स टॉड कहते हुए देखते हैं लेकिन अगर आप किसी रियल कोर्ट में जाएंगे तो आपको कोई

भी जल्द ऑर्डर करता हुआ नहीं मिलेंगे

एडवोकेट तेज आवाज में  नही बोलता

पहली बात तो रियल कोर्ट में कोई बोलता नहीं है क्योंकि अगर वो कुछ बोलेंगे तो उसके ऊपर कंट्रोल

बोर्ड का चार्जर जाएगा दूसरी बात यह कि अगर कोई खेलता भी है तो साइकिल बोला जाता है और डर रियल

कोर्ट में नहीं कहा जाता है सुबह जब वह समझौते होंगे कि जर डर नहीं कहते हैं यह सिर्फ एक मिथक है

और अगर कहीं पर डकैती है तो उसका मत अब पायलट होता है अगर आपकी डिग्री पसंद आया तो

उसको लाइक करें अपने फ्रेंड के साथ शेयर करिए और अगर आपके मन में कई प्रश्न हैं

तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकता है

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