नमस्कार दोस्तों सरकारी डीएनए में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों देश के 14.5 करोड़ किसान परिवारों
में से 6,01,94,076किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card)बनवा लिया है. आपको
भी यदि साहूकारों के चंगुल से बचना है तो केसीसी (KCC) बनवा लीजिए.

 नए नियम के जारी होने के आसान कर

अब अप्लाई करने के सिर्फ 15 दिन के अंदर बैंक को किसान क्रेडिट कार्ड Kisan Credit
Card जारी करना होगा. किसानों (Farmers) की सबसे ज्यादा मौत कर्ज के बोझ तले दबकर होती है.
केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से संसद में एनएसएसओ के हवाले से पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश
के हर किसान पर औसतन 12,130 रुपये का कर्ज साहूकारों का है.

सरकार चाहती है कि किसान साहूकारों से कर्ज न लेकर बैंकों से लें. ताकि उन पर साहूकारों के मोटे ब्याज का
बड़ा बोझ न पड़े. इसलिए बैंकों को कहा गया है कि वे किसानों को केसीसी देने में कोई कोताही न बरतें. कृषि
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक केसीसी के लिए सिर्फ तीन डॉक्यूमेंट ही लिए जाएंगे. पहला यह कि जो
व्यक्ति अप्लीकेशन दे रहा है वो किसान है या नहीं. इसके लिए बैंक उसके खेती के कागजात देखें और उसकी
कॉपी लें. दूसरा निवास प्रमाण पत्र और तीसरा आवेदक का शपथ पत्र कि उसका किसी और बैंक में
लोन तो बकाया नहीं है.

क्या किसान क्रेडिट कार्ड की पात्रता

सभी किसानों–एकल/ संयुक्त उधारकर्ता जो कि स्वाोमित्व धारी कृषक हैं।
किराए के काश्त कार, जुबानी पट्टाधारी एवं साझा किसान इत्याादि
स्वा सहायता समूह या संयुक्तज दायित्वए समूह के किसान जिसमें किराए के काश्तककार,
साझा किसान आदि शामिल हैं।
किसान, शाखा के परिचालन क्षेत्र के अंतर्गत आना चाहिए।

सरकार ने बैंकिंग एसोसिएशन से कहा है कि केसीसी आवेदन के लिए कोई प्रोसेसिंग फीस न ली जाए. राज्य
सरकारों और बैंकों को कहा गया है कि वो पंचायतों के सहयोग से गांवों में कैंप लगाकर किसान क्रेडिट कार्ड
बनवाएं. ताकि किसान संस्थागत ऋण प्रणाली के तहत कर्ज लें न कि साहूकारों से.

किस राज्य में कितने केसीसी धारक

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के मुताबिक सबसे ज्यादा 1,29,61,936 किसानों ने

यूपी में केसीसी ले लिया है. महाराष्ट्र में 63,55,315, मध्य प्रदेश में 61,19,997, राजस्थान में

51,47,835, आंध्र प्रदेश में 49,98,351, तेलंगाना में 49,83,523 और हरियाणा में 20,82,623

किसानों ने केसीसी बनवा लिया है. यह आंकड़ा 30 सितंबर तक का है.

बिना गारंटी लोन की सीमा बढ़ीकृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक केसीसी पर पहले बिना
गारंटी के सिर्फ 1 लाख रुपये का लोन मिलता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है. यही
नहीं अब किसान क्रेडिट कार्ड सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहेगा. इसकी सुविधा पशुपालन और मछलीपालन के
लिए भी उपलब्ध करवा दी है. अंतर यह है कि इन दोनों श्रेणियों में अधिकतम दो लाख रुपये तक का ही
लोन लिया जा सकता है.

कहां साहूकारों से सबसे ज्यादा कर्ज लेते हैं किसान

एनएसएसओ के मुताबिक साहूकारों से सबसे ज्यादा 61032 रुपये प्रति किसान औसत कर्ज आंध्र प्रदेश में है
दूसरे नंबर पर 56362 रुपये औसत के साथ तेलंगाना है और तीसरे नंबर पर 30921 रुपये के साथ राजस्थान है.
केंद्र सरकार किसानों को कर्ज के इस दुष्चक्र से मुक्त करना चाहती है ताकि उनका जीवन सुधर सके.

क्या है किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) विशेषताएं

केसीसी के उधारकर्ता को एक एटीएम सह डेबिट कार्ड जारी किया जाएगा (स्टेिट बैंक किसान डेबिट कार्ड)
ताकि वे एटीएमों एवं पीओएस टर्मिनलों से आहरण कर सकें।
एक विविध खाते के स्वहरूप का होगा। इस खाते में कोई जमा शेष रहने की स्थिटति में उस पर बचत खाते
के समान ब्याज मिलेगा 3 लाख रु तक की राशि पर प्रसंस्कखरण शुल्क नहीं लगाया जाता है।

किसान क्रेडिट कार्ड के अलग –अलग नाम है

इलाहाबाद बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड
आन्ध्र बैंक – ए.बी. किसान ग्रीन कार्ड
बैंक ऑफ़ बडौदा – बी किसान क्रेडिट कार्ड
बैंक ऑफ़ इंडिया – किसान समाधान कार्ड
केनरा बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड
कार्पोरेशन बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड
देना बैंक – किसान गोल्ड क्रडिट कार्ड
ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कामर्स – ओरिएंटल ग्रीन कार्ड (ओ.जी.सी.)
पंजाब नेशनल बैंक – पी.एन.बी. कृषि कार्ड
स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद – किसान क्रेडिट कार्ड
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया – किसान क्रेडिट कार्ड
सिंडिकेट बैंक – सिंडिकेट किसान क्रेडिट कार्ड
विजय बैंक – विजय किसान क्रेडिट कार्ड

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