अब प्राइमरी शिक्षकों की सैलरी सेल्फी अटेंडेंस से

सख्त नियमों के बावजूद सरकारी स्कूल में अध्यापकों की अनुपस्थिति रोकने में नाकाम

प्रशासन ने अब समस्या को सुलझाने के लिए टेक्नॉलजी का सहारा लिया है।

उत्तर प्रदेश में प्राइमरी शिक्षकों के स्कूल न जाने की शिकायतें इतनी बढ़ गई हैं कि

अब उनके लिए “सेल्फी अटेंडेंस” जरूरी की गई है.

यानी हर सुबह टीचर स्कूल पहुंचकर स्कूल के बैकग्राउंड में सेल्फी लेकर अफ़सर को पोस्ट करना होती है

 सुबह 8 बजे तक सेल्फी नहीं मिली तो उसका वेतन कटेगा

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है अरुन और हम आज इस पोस्ट में सरकार के द्वारा जारी किये गये  शिक्षकों के लिए नए नियम के बारे में

सुबह-सुबह यूपी के तमाम प्राइमरी स्कूलों में अब एक नया नजारा देखने को मिलता है.

हाथों में सेल्फी स्टिक लेकर टीचर ‘टीचरनुमा’ गंभीर पोज़ बनाकर सेल्फी खींचते हैं

कई बार वे अकेले-अकेले सेल्फी लेते हैं, तो कभी अपने साथी टीचरों के साथ

फिर उसे बीएसए के वेब पेज पर पोस्ट करते हैं. जिनकी नज़र हर सेल्फी पर होती है

वेरिफाइ करने की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड सिस्टम में है

प्रदेश शिक्षा अधिकारी पी सिंह ने कहा कि सेल्फी प्राप्त करने और

वेरिफाइ करने की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड सिस्टम में है और

इसे सीएम योगी आदित्यनाथ और बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल के सख्त आदेश के बाद लागू किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘अध्यापकों से कहा गया है कि अगर वे 8 बजे तक

अपनी सेल्फी पोस्ट नहीं करते हैं तो उनकी पूरे दिन की सैलरी कटेगी।’

उत्तर प्रदेश में बेसिक एजुकेशन में तमाम मोर्चों पर सुधार की ज़रूरत है

इस सिलसिले में यह एक कदम हो सकता है, लेकिन आख़िरी क़दम नहीं है

ऐसे बहुत सारे सुधार एक साथ लागू करने होंगे.

स्कूल के समय में सोशल मीडिया साइट्स पर सर्फिग करते हुए पाए गए शिक्षकों को भी सैलरी में कटौती

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए नया नियम लागू किया गया है,

इसके अलावा, स्कूल के समय में सोशल मीडिया साइट्स पर सर्फिग करते हुए पाए गए शिक्षकों को भी सैलरी में कटौती का सामना करना पड़ेगा.

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