अब तक मात्र 22 प्रतिशत सत्यापन कार्य ही हो सका है

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23 जून तक जिले के पात्र गृहस्थी व अंत्योदय के सवा तीन लाख से

अधिक राशनकार्ड धारकों के सत्यापन का कार्य पूरा होना था

लेकिन अब तक मात्र 22 प्रतिशत सत्यापन कार्य ही हो सका है।

दोस्तों प्रदेश में राशनकार्ड धारकों के सत्यापन का कार्य पूरा होना था

किन्तु अब तक मात्र 22 प्रतिशत सत्यापन कार्य ही हो सका है।

इसमें लगाई गई टीमें अब तक 930 के सापेक्ष

मात्र 292 गांवों के 57 हजार 369 राशनकार्डों का ही सत्यापन कर सकी हैं।

इनमें मात्र 200 गांवों की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपी जा सकी है।

10 हजार 287 राशनकार्ड धारक अपात्र मिले। 23 जून तक

सत्यापन कार्य का लक्ष्य पूरा हो पाना आसान नहीं दिख रहा है।

गौरतलब है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री

आदित्यनाथ ने राशनकार्ड धारकों का नए सिरे से सत्यापन किए जाने का निर्देश दिया था।

जिले में पात्र गृहस्थी के दो लाख 74 हजार 462 व अंत्योदय के 65 हजार 967 राशनकार्ड धारक हैं।

अपात्रों का कार्ड बनाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

4 मई से सत्यापन का कार्य शुरू कर 23 जून तक पूर्ण किए जाने का निर्देश दिया गया।

इस कार्य में शुरुआती दौर से ही लापरवाही की शिकायतें सामने आने लगीं। इतना ही नहीं,

लेखपाल व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सत्यापन कार्य का बहिष्कार कर दिया।

नतीजतन सत्यापन का कार्य कभी भी गति नहीं पकड़ सका।

सत्यापन को लेकर संबंधित अधिकारियों द्वारा कितनी गंभीरता दिखाई जा रही है,

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि

अब तक मात्र 57 हजार 369 राशनकार्ड धारकों का ही सत्यापन किया जा सका है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार टीमें अब तक

930 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष मात्र 292 गांवों के राशनकार्ड धारकों का ही सत्यापन कार्य सकी हैं।

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