वैज्ञानिकों ने एक ऐसे वायरस की खोज कर ली है जो कंप्यूटर की स्पीड

हेल्लो दोस्तों  हम आज आपको बातने वाले एक ऐसी जानकारी जो आपको nhi पता होगी तो चलिए शुरू करते आज की ये पोस्ट दोस्तों मेरा नाम है अरुन और हम आज कंप्यूटर वायरस ये सुनकर शायद कुछ अजीब सा लगे लेकिन ये सही है

यह वायरस कंप्यूटर की गति और काम करने की दक्षता को बढ़ा देगा

आप सोचते हैं कि वायरस मतलब कंप्यूटर की बर्बादी।
लेकिन हम जिस वायरस के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, वो ऐसा नहीं है।
वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर में बेहतर तरीके की मेमोरी को डिजाइन

करने और उसे व्यावहारिक बनाने के लिए एक वायरस की खोज है।
यह वायरस कंप्यूटर की गति और काम करने की दक्षता को बढ़ा देगा।

एक शोध में पाया गया कि तेज गति से चलने वाले कंप्यूटर बनाने का एक अच्छा तरीका हो सकता है।
इसमें वायरस एम13 जीवाणुभोजी का इस्तेमाल कर मिली सेकेंड समय की देरी को घटा सकते हैं।

यह वायरस ई-कोलाई जीवाणु को संक्रमित करता है।

समय में होने वाली यह देरी अक्सर पारंपरिक रेंडम एक्सेस मेमोरी (रैम) चिप और हार्ड ड्राइव के बीच सूचनाओं के स्थानांतरण और उसके संग्रहण से होती है।

सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन (एसयूटीडी) के शोधकर्ताओं का कहना है कि रैम चिप तेज तो होती है,
लेकिन यह महंगी और अस्थिर होती है मतलब सूचनाओं को बरकरार रखने के लिए इसे बहुत ऊर्जा की जरूरत होती है।

कंप्यूटर वायरस को कंप्यूटर के लिए बुरा ही माना जाता है लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसे वायरस की खोज कर ली है जो कंप्यूटर की स्पीड और मेमोरी को घटाएगा नहीं बल्कि उल्टा बढ़ाएगा

वहीं फेज चेंज मेमोरी रैम चिप की ही तरह तेज हो सकती है

और इसकी संग्रहण क्षमता भी हार्ड ड्राइव से ज्यादा होती है।
नई मेमोरी तकनीक में ऐेसी वस्तु का इस्तेमाल किया गया, जो किसी भी स्थिति में खुद को बदल सकता है।

पहली बार किसी शोध में यह पाया गया है कि एम13 जीवाणुभोजी का

इस्तेमाल कर कम तापमान पर जर्मेनियम-टिन ऑक्साइड तारें बनाई जा सकती हैं

और मेमोरी पा सकते हैं। यह शोध ‘अप्लाइड नैनो मैटेरियल्स’ में प्रकाशित हुआ है।

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