सरकार आपके कंप्यूटर पर रख रही है नज़र जाने क्या है मैटर

0
135
हेल्लो दोस्तों मेरा नाम है अरुन और आज इस पोस्ट बातने वाले कि सरकार आपके कंप्यूटर
पर रख रही है नज़र जाने क्या है मैटर
सवाल आम लोगों के मन में सरकार के उस आदेश के बाद उठ रहे हैं, जिसमें उसने देश की सुरक्षा और ख़ुफिया
एजेंसियों को सभी के कंप्यूटर में मौजूद डेटा पर नज़र रखने उसे सिंक्रोनाइज (प्राप्त) और उसकी जांच करने के अधिकार दिए हैं

साल 2018 दिसंबर में गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए 10 एजेंसियों को

यह अधिकार दिया था कि वे किसी भी कंप्यूटर के डेटा को चेक कर सकती हैं

आपके कंप्यूटर पर सरकार रखती है नज़र, जानें क्या है पूरा मामला

इसके अनुसार इंटेलिजेंस ब्यूरो से लेकर NIA तक दस केंद्रीय एजेंसियां किसी भी कंप्यूटर में मौजूद

रिसीव और स्टोर किए गए डेटा समेत किसी भी तरह की जानकारी हासिल कर सकती हैं.

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर कर इसे चुनौती दी गई थी.

इसमें एडवोकेट एमएल शर्मा की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया है था

कि सरकार की ओर से जारी किया गया आदेश लोगों की निजता का उल्लंघन

ख़ुफिया एजेंसियों को सभी के कंप्यूटर में मौजूद डेटा पर नज़र रखने

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर दस एजेंसियों को ये अधिकार दिए हैं.

पहले बड़े आपराधिक मामलों में ही कंप्यूटर या ऑनलाइन

गतिविधियों पर नज़र रखी जाती थी  जांच की जाती थी और इन्हें जब्त किया जाता था.

लेकिन क्या नए आदेश के बाद आम लोग भी इसकी जद में होंगे?

सोशल मीडिया पर सरकार के इस फ़ैसले का विरोध हो रहा है. लोगों का कहना है यह उनकी निजता के अधिकार में हस्तक्षेप है.

दस एजेंसियों को ये अधिकार दिए हैं

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर दस एजेंसियों को ये अधिकार दिए हैं

पहले बड़े आपराधिक मामलों में ही कंप्यूटर या ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखी जाती थी

, जांच की जाती थी और इन्हें जब्त किया जाता था.

लेकिन क्या नए आदेश के बाद आम लोग भी इसकी जद में होंगे?

दोस्तों आजकल सोशल मीडिया पे सरकार के इस फ़ैसले का बड़ा विरोध हो रहा है

लोगों का कहना है यह उनकी निजता के अधिकार में हस्तक्षेप है

उन्होंने कहा कि आईटी एक्ट के सेक्शन 69 के तहत अगर कोई भी

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ग़लत इस्तेमाल करता है और वो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए चुनौती है तो अधिकार प्राप्त एजेंसियां कार्रवाई कर सकती है

किन-किन एजेंसियों को अधिकार दिए गए हैं

इंटेलिजेंस ब्यूरो
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन
नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी
कैबिनेट सेक्रेटेरिएट (रॉ)
डायरेक्टरेट ऑफ सिग्नल इंटेलिजेंस
कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, दिल्ली

इंटेलिजेंस ब्यूरो निगरानी का इतिहास

इन सभी तकनीक के जरिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जा सके, इसके लिए करीब सौ साल पहले इंडियन टेलिग्राफ एक्ट बनाया गया था.

इस एक्ट के तहत सुरक्षा एजेंसियां उस समय टेलिफोन पर की गई बातचीत को टैप करती थी.

संदिग्ध लोगों की बातचीत ही सुरक्षा एजेंसियों कि निगरानी में होती थी.

उसके बाद जब तकनीक ने प्रगति की, कंप्यूटर का चलन बढ़ा और इसके जरिए आपराध को अंजाम दिया जाने लगा, तो साल 2000 में भारतीय संसद ने आईटी कानून बनाया

दोस्तों ऐसी ही ताजा न्यूज़ अपडेट पाने के लिए जुड़े रहे sarkaridna.com के साथ और हमारे फेसबुक पेज लाइक और शयेर करने के लिए क्लिक करे