नमस्कार दोस्तों सरकारी डीएनए में एक बार फिर से आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों देश ने भारत
का नया मानचित्र जारी कर दिया है दोस्तों मानचित्र क्याहोता और इसकी क्यों जरुर होती है दोस्तों पृथ्वी के
सतह के किसी भाग के स्थानों, नगरों, देशों, पर्वत, नदी आदि की स्थिति को पैमाने की सहायता से कागज पर
लघु रूप में बनाना मानचित्रण ही मानचित्र है मानचित्र किसी बड़े भूभाग को छोटे रूप में प्रस्तुत करते हैं जिससे
एक नजर में भौगोलिक जानकारी और उनके अन्तर्सम्बन्धों की जानकारी मिल सके।

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भारत सरकार ने शनिवार को देश
का नया मानचित्र जारी किया है. जिसमें 28 राज्यों और नौ केंद्र शासित प्रदेशों को दर्शाया गया है. इस
नक्शे में पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के हिस्सों को भी कश्मीर क्षेत्र में दर्शाया गया है.

नक्शे में पीओके के तीन जिले शामिलनए जारी किए नक्शे में जम्मू-कश्मीर के पूर्ववर्ती राज्य के विभाजन को
दर्शाया गया है इसमें आश्चर्यजनक रूप से पीओके के तीन जिलों मुजफ्फराबाद, पंच और मीरपुर को शामिल
किया गया है. लद्दाख में दो जिले कारगिल और लेह शामिल हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 20
जिले शामिल किए गए हैं.

एक गजट अधिसूचना में सरकार ने कारगिल के वर्तमान क्षेत्र को छोड़कर लेह जिले के क्षेत्रों गिलगिट,
गिलगित वजारत,चिलास, जनजातीय क्षेत्र, लेह और लद्दाख को भी कंपाइल किया है. इस आदेश को
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन आदेश-2019 कहा गया है.

क्या होती है उपयोगिता एक मानचित्र की 

मानचित्र पूरे विश्व से लेकर छोटे-से-छोटे स्थान की भौगोलिक जानकारी के लिये एक सन्दर्भ का काम करता है।
मानचित्र किसी अज्ञात स्थान के लिये मार्गदर्शक और दिग्दर्शक का काम करता है।
थल, जल या वायु मार्ग से यात्रा करने में यात्रा के मार्ग की योजना बनाने और उस मार्ग पर बने रहने में सहायक
नगर या ग्राम की भावी विकास की योजना बनाने के लिये
सेना अपनी कार्यवाही (आपरेशन), सैनिकों की तैनाती, शत्रु की स्थिति का आकलन एवं शस्त्रास्त्रों की तैनाती के
लिये भी मानचित्र का अत्यधिक उपयोग करती है।
भूमि के स्वामित्व, न्यायाधिकरण एवं कर निर्धारण के लिये सरकार मानचित्र पर निर्भर करती है।
पुलिस, अपराधों का मानचित्रण करके पता करती सकती है कि अपराधों में कोई पैटर्न है।
इसी प्रकार डॉ जॉन स्नो ने लन्दन में हैजा फैलने पर मानचित्र की सहायता से ही यह अनुमान लगा लिया था
कि इसके लिये एक सार्वजनिक जल पम्प जिम्मेदार थी।

जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 20 जिले शामिल

जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के मानचित्र में 20 जिले शामिल हैं, जिसमें मुजफ्फराबाद, मीरपुर और पुंछ के
वे क्षेत्र शामिल हैं जो पीओके के अधीन हैं. 1947 में जम्मू-कश्मीर राज्य में 14 जिले थे. इनमें कठुआ, जम्मू,
उधमपुर, रियासी, अनंतनाग, बारामूला पुंछ, मीरपुर, मुजफ्फराबाद, लेह और लद्दाख, गिलगित, गिलगित वजरात,
चिल्हास और जनजातीय क्षेत्र शामिल थे.

दोस्तों आपको बता दें कि संसद की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अगस्त महीने में भारतीय संविधान
से अनुच्छेद-370 को प्रभावी रूप से खत्म कर दिया था. जिसके बाद जम्मू-कश्मीर 31 अक्टूबर को एक राज्य के
रूप में अस्तित्व में नहीं रह गया और आधिकारिक तौर पर दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में
विभाजित हो गया.

आज से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का नया आगाज

एक ताज़ा अनुसार रिपोर्ट के दोनों केंद्र शासित प्रदेश 31 अक्टूबर को आधी रात से अस्तित्व में आ गए
जम्मू-कश्मीर के पहले उप राज्यपाल जीसी मुर्मू और आरके माथुर लद्दाख के प्रथम उपराज्यपाल बने हैं

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