नॉ बॉल को लेकर ICC ने किया बड़ा बदलवा अब मैदान के अंपायर को नही रहेगा ये अधिकार

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम अरुन दोस्तों ICC अगले छह महीने में सीमित ओवरों की कुछ सीरीज में इस नयी

व्यवस्था का परीक्षण करेगा और यह सफल रहता है तो फिर मैदानी अंपायर से आगे के पांव की नोबाल देने का

अधिकार छिन जाएगा।अलारडाइस ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, हां, ऐसा है। तीसरे अंपायर को आगे का

पांव पड़ने के कुछ सेकेंड के बाद छवि मुहैया करायी जाएगी। वह मैदानी अंपायर को बताएगा कि नोबाल की गयी है।

आज के समय में क्रिकेट अब न केवल खेल बल्कि लोगों का जुनून बन चुका है। इसलिए यदि किसी भी मैच में

अंपायरिंग में जरा भी कमी नजर आती है तो दोस्तों खामियाज़ा भले ही खिलाड़ियों को भुगतना पड़ता है लेकिन

फैंस का गुस्सा सोशल मीडिया पर जाकर आप साफ देख सकते हैं।

नॉ बॉल को लेकर ICC ने किया बड़ा बदलवा अब मैदान के अंपायर को

नही रहेगा ये अधिकार

नॉ बॉल को लेकर ICC ने किया बड़ा बदलवा दोस्तों हाल ही में संपन्न हुए ICC  विश्व कप,

आईपीएल 2019 या फिर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली

जा रही S सीरीज। किसी भी मैच को यदि आप देखें तो लगातार अंपायरों की गलतियां सामने आ रही हैं।

जिसके कारण खिलाड़ियों को खामियाजा भुगतना पड़ता है।

विश्व कप में ऑनफील्ड अंपायर धर्मसेना से हुई एक गलती ने मैच का विजेता ही बदल दिया। अतिरिक्त मिले

एक रन के चलते न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम हाथ में आया हुआ विश्व कप खिताब गंवा बैठी। यह एकमात्र उदाहरण

नहीं है ऐसे सैकड़ों उदाहरण सामने आ रहे हैं, जहां अंपायरों गलत फैसले लेते सामने आए हैं।

बात करें नो बॉल पर दिए गलत फैसलों की तो नॉ बॉल को लेकर ICC ने किया बड़ा बदलवा के

सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी जिस गेंद पर आउट हुए थे वह भी नो बॉल ही थी। वहीं

आईपीएल में भी नो बॉल को लेकर काफी बवाल उठा था।

नॉ बॉल को लेकर ICC ने किया बड़ा बदलवा पांव की ‘नो बॉल’ पर TV अंपायरों को

फैसला लेने का अधिकार देगी ICC

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC टीवी अंपायरों को अधिक मजबूत बनाने के लिए उन्हें जल्द ही आगे के

पांव की ‘नो बॉल’ पर फैसला लेने का अधिकार देगी। हालांकि, इसे सीमित ओवर के प्रारूप में

अभी परीक्षण (ट्रायल) के तौर पर लागू किया जाएगा।

नॉ बॉल को लेकर ICC ने किया बड़ा बदलवा दोस्तों ICC यह फैसला करेगी कि अगले छह महीनों कौन-कौन

सी सीरीज में वो इस ट्रायल को लागू करेगी। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच 2016 में हुई वनडे सीरीज में

यह ट्रायल किया गया था, लेकिन इस बार इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। ‘क्रिकइंफो’ ने आईसीसी

महाप्रबंधक जोफ एलरडाइस के हवाले से बताया “हां ऐसा है। तीसरे अम्पायर को आगे का पांव पड़ने के कुछ सेकेंड के बाद फुटेज दी जाएगी।

वह मैदानी अम्पायर को बताएगा कि नो बॉल की गई है। इसलिए गेंद को तब तक मान्य माना जाएगा जबतक अम्पायर कोई अन्य फैसला नहीं लेता।”

पांव की ‘नो बॉल’ पर TV अंपायरों को फैसला लेने का अधिकार देगी ICC

पिछले ट्रायल के दौरान थर्ड अम्पायर को फुटेज देने के लिए एक हॉकआई ऑपरेटर का उपयोग किया गया था।

एलरडाइस ने कहा, “फुटेज थोड़ी देरी से दिखाई जाती है। जब पांव लाइन की तरफ बढ़ता है तो

फुटेज स्लो-मो में दिखाई जाती है और लाइन पर पड़ते समय रुक जाती है।

रुटीन बहुत अच्छे से काम करता है और पिक्च र के आधार पर थर्ड अम्पायर निर्णय लेता है। यह पिक्च र हमेशा ब्रॉडकास्ट नहीं की जाती।”

नॉ बॉल को लेकर ICC ने किया बड़ा बदलवा

ICC की क्रिकेट समिति चाहती है कि इस सिस्टम को सीमित ओवरों के प्रारूप में अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। गौरतलब है कि हाल ही ग्राउंड अपांयरों

के साथ-साथ टीवी अंपायर पर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। मैदान पर हुए कई गलत फैसलों के बाद अब आईसीसी ने थर्ड अंपायर को और सशक्त बनाने का फैसला लिया है।

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